Computer history in hindi

  🖥कंप्यूटर के विकास का इतिहास काफी पुराना है अबेकस 🧮 से शुरू हुई कंप्यूटर 🖥 की विकास यात्रा कई चरणों से गुजरते हुए वर्तमान डिजिटल कंप्यूटर तक पहुंची है ।कंप्यूटर् का ऐतिहासिक विकासक्रम का इस प्रकार है 👉:- 


1 अबेकस🧮 :-लगभग 5000 साल पहले चीन  में अबेकस का प्रयोग किया गया इसे हम विश्व का पहला कंप्यूटर मान सकते हैं इसको उपकरण में लकड़ी अथवा धातु के दोनों की सहायता से बढ़ना का कार्य किया जाता था इस उपकरण से केवल जोड़ने तथा घटाने की कार्यविधि संपन्न होती थी

 

2: 🔷️वेल्डिंग जान नेपियर एवं नेपियर बोंस:- स्कॉटलैंड के महान गणितज्ञ John Napier ne( 1552 से 1617 के समय में लघु गुणक क।आविष्कार हुआ।

3:- ♦️ब्लेज पास्कल एवं पास्कलाइन:- 1642 में फ्रांसीसी गणितज्ञ ब्लेज पास्कल ने पहला मेकेनिकल केलकुलेटर बनाया इसका नाम पास्कलाइन था यह तांबे से बना हुआ चौकोर बॉक्स था इसमें 8 घूमने वाले पहिए लगे थे जिनके द्वारा 8 अंकों तक की संख्याओं को जोड़ लेता था इसका प्रयोग केवल जोड़ने के कार्य में ही किया जा सकता था सन 1671 में जर्मनी के दौरान गॉड फाइट विल्हेम लेबनिज ने पास्कल के यंत्र के दोषों को दूर करके एक नया यंत्र बनाया जिससे जोड़ना घटाना सरल हुआ  और : करना भी संभव हुआ   

4: ♦️जोसेफ जेकार्ड एवं पंच कार्ड :-

1725 मैं बासिल बुश और 1729 में फाल्कन नामक फ्रांसीसी वस्त्र निर्माताओं ने कपड़े में डिजाइन बनाने के लिए कागज केऐसे फीते का प्रयोग किया जिसमें छेद बने हुए थे जहां जहां पर कागज में छेद होते हैं वहां सुई जाकर रंगीन धाकड़ टक देती कागज के यह फीते डिजाइन के लिए एक तरह मेमोरी का काम करते थे इसके बाद फ्रांस के ही एक और वस्त्र निर्माता जोसेफ मैरिज 1805 में एक ऐसा हथकरघा बनाया जिसमें कार्डों की सहायता से डिजाइन बन जाते थे। इसके लिए कई पंचकाडौ  को जोड़कर करघे मे चलाया गया । कार्डों पर जहां छेद होते सूईया उन स्थानों को भेद कर डिजाइन बना देती । पत्रको पर छेद का होना या ना होना यह दो स्थितियां कंप्यूटर के बाइनरी या बाइनरी कोड (0/1)का आधार बनी।


5:- ♦️चार्ल्स जेवियर थॉमस डि कोल मर:- सन 1820 में चार्ल्स जेवियर थॉमस डिकोलमर एक मशीन का निर्माण किया यह मशीन गणित के चारों मूलभूत कार्य जोड़ घटाव गुणा भाग को कर सकती थी इसे आर्थो मीटर का नाम दिया गया ।

6 :- 🔷️चार्ल्स बैबेज का डिफरेंस इंजन

1822:- आधुनिक कंप्यूटर के वास्तविक शुरुआत चार्ल्स बैबेज से मानी जाती है जो कि इंग्लैंड के गणित के प्रोफेसर थे इन्होंने भाग की शक्ति द्वारा चलने वाला डिफरेंस इंजन बनाया जो कि कंप्यूटर के इतिहास में क्रांतिकारी कदम था यह मशीन लगभग 50000 से मिलकर बनी थी इसके द्वारा इनपुट कार्ड जिनमें की instruction होते थे के द्वारा किया जाता था यहां 50 अंकों तक की 1000 संख्याएं स्टोर कर सकती थी डिफरेंस इंजन बहुत सफल रहा जिससे उत्साहित होकर चार्ल्स बैबेज ने कंप्यूटर मशीन की कल्पना की आधुनिक कंप्यूटर विज्ञान का पिता कहा जाता है।

7:- ♦️लेडी एडा लवलेस:- चार्ल्स बैबेज के कार्य में सहायक होने वाली 

लेडी एडा लवलेस इंग्लैंड के महान कवि लार्ड बायरन की बेटी थी चार्ल्स बैबेज की  सहायता से बायनरी संख्या पद्धति की खोज की इस पद्धति का एनालिटिक इंजन में इस्तेमाल किया जाता था इस पद्धति के आधार पर ही दुनिया की पहली प्रोग्रामिंग भाषा बनाइ।एडा नेअपनी डायरी में लिखा है  जिस प्रकार जेकार्ड के कपड़ों पर फूल पत्तियां बुनता है उसी प्रकार एनालिटिक इंजन बीजगणितीय नमूनों को बुनता है एडाके सम्मान में अमेरिका रक्षा विभाग ने अपने यहां काम में लिए जाने वाले कंप्यूटर की भाषा का नाम एडा रखा।

8:- 🔷️हरमन हेलरिथ:- सन 1889 में एक अमेरिकी वैज्ञानिक हरमन हेलरिथ ने एक मशीन बनाई जो कि डाटा संग्रहण के लिए कांच का प्रयोग करती थी तथा यांत्रिक प्रक्रिया द्वारा  परीणाम प्रेषित करती थी हेलरिथ ने इसे पंच कार्ड रीडर का नाम दिया

तथा इसका व्यवहारिक उत्पादन करने हेतु 1896 मे टेबयूलेटिंग  मशीन कंपनी की स्थापना की जिसका नाम सन 1924 में इंटरनेशनल बिजनेस मशीन (IBM) हो गया।

9:- ♦️कोनार्ड जूसे एवं Z1 से Z4:-
Z (1)

मेकेनिकल कंप्यूटर का निर्माण सन 1930 में प्रारंभ हुआ सर्वप्रथम कोनार्ड के दूसरे ने सन 1938 में बा सिस्टम पर आधारित एक Z1कंप्यूटर बनाया इसकी श्रंखला में आगे Z2 बनाया जिसमें तेजी से गणना  करने के लिए  35 मि.मी चौड़ाई फिल्म की बनाई इस रील में बनायी इस रील में छेंदों के द्वारा आंकड़े डाले जाते थे बाद में जूसे ने इसमें कुछ सुधार करके 1941 में Z3 और Z4 कंप्यूटर बनाये जो कि बाद में  बमबारी से नष्ट हो गए किंतु जूसे  निराश ना हुए उन्होंने अपनी एक अलग कंपनी बनाई जो 1969 में दुनिया की जानी-मानी फार्म सीमेंस मैं मिल गई।

Z (4)


10:- 🔷️Dr Howard Aiken mark: - 

मई सन् 1944 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर हार्ड बट आई कैन न इंटरनेशनल बिजनेस मशीन याने आईबीएम के साथ मिलकर पहला electromechanical कंप्यूटर बनाया । यह automatic sequence control केलकुलेटर था इसका नाम" हावर्ड मार्क 1" रखा गया इस कंप्यूटर को अमेरिका नौसेना के लिए बनाया गया था। 
Howard mark 1

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